उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को हरिद्वार में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
अंतिम संस्कार से पहले लोगों ने उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। सेना के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बीसी खंडूरी का जीवन देश सेवा और जनसेवा के लिए समर्पित रहा।
भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना में मेजर जनरल रहे और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त छवि बनाई थी। उनकी साफ-सुथरी राजनीति और अनुशासनप्रिय स्वभाव के कारण उन्हें जनता के बीच काफी सम्मान मिला।
राज्य सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी कार्यक्रमों में सादगी बरती जाएगी। प्रदेशभर से लोग सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
बीसी खंडूरी को उत्तराखंड के विकास पुरुषों में गिना जाता है। उनके निधन को प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।


