लोहड़ी 2026: परंपरा, उत्साह और उल्लास के संग पूरे देश में मनाया जा रहा है फसल पर्व

आज पूरे देश में लोहड़ी का त्योहार बड़े ही उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व विशेष रूप से किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह नई फसल के आगमन और समृद्धि का संकेत देता है। सुबह से ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और पारंपरिक पकवान बनाने की तैयारियां शुरू हो गई थीं।
शाम के समय लोग खुले स्थानों पर एकत्र होकर अलाव जलाते हैं और उसके चारों ओर घूमकर तिल, गुड़, मूंगफली, रेवड़ी और पॉपकॉर्न चढ़ाते हैं। यह अग्नि देवता को धन्यवाद देने और आने वाले समय में अच्छी पैदावार की प्रार्थना का प्रतीक माना जाता है। बच्चों ने पारंपरिक “सुंदर मुंदरिये” गीत गाकर माहौल को और भी रंगीन बना दिया।
शहरों में सोसायटियों और कॉलोनियों में सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नृत्य और संगीत ने समां बांध दिया। युवाओं में खासा उत्साह देखा गया और सोशल मीडिया पर भी लोहड़ी की शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई। यह पर्व न केवल एक धार्मिक उत्सव है बल्कि सामाजिक एकता और पारिवारिक प्रेम को भी मजबूत करता है।



