उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र मंगलवार को देहरादून में शुरू हुआ, जहां महिला आरक्षण कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा की गई। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी पर विचार करना रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनसे हजारों महिलाओं को लाभ मिल रहा है। स्वरोजगार योजनाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, सुरक्षा अभियानों और आर्थिक सहायता कार्यक्रमों का भी उन्होंने जिक्र किया।
सीएम धामी ने कहा कि मातृशक्ति के बिना समाज और राष्ट्र का विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिला आरक्षण को लोकतंत्र को और मजबूत करने वाला कदम बताया।
दूसरी ओर विपक्ष ने सत्र के दौरान सरकार से महिलाओं के रोजगार, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए। इस कारण सदन में कई बार बहस तेज होती नजर आई।


