भारत ने एक बार फिर अपने सबसे करीबी पड़ोसी नेपाल के प्रति सहयोग और प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए 72 स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं और 12 सांस्कृतिक विरासत पुनर्निर्माण परियोजनाओं को नेपाल सरकार को सौंप दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा किए गए इस औपचारिक हस्तांतरण को दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
ये परियोजनाएं वर्ष 2015 में नेपाल में आए भीषण भूकंप के बाद शुरू किए गए पुनर्निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा हैं। भूकंप में नेपाल के अनेक अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, मंदिर और ऐतिहासिक धरोहरें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। भारत ने तत्काल सहायता प्रदान करते हुए पुनर्निर्माण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
नव-निर्मित स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से नेपाल के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। वहीं पुनर्स्थापित की गई सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएं नेपाल की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस अवसर पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आर्थिक, तकनीकी और डिजिटल सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा की। भारत और नेपाल के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने तथा भाषा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों को भी आगे बढ़ाया गया।
राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल केवल अवसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और नेपाल के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी का प्रतीक भी है। इससे दोनों देशों के बीच मित्रता और क्षेत्रीय सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।


