परीक्षा मूल्यांकन में बड़ा बदलाव — CBSE ने शुरू किया अनिवार्य मास मॉक इवैल्यूएशन सत्र

देशभर के लाखों छात्रों की बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए CBSE ने नई पहल शुरू की है। बोर्ड 26 फरवरी से कक्षा 11 और 12 के शिक्षकों के लिए अनिवार्य मास मॉक इवैल्यूएशन सत्र आयोजित कर रहा है।
यह कार्यक्रम ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने का अभ्यास कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना और भविष्य में होने वाली वास्तविक जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की त्रुटि से बचना है।
बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षक निर्धारित समय पर लॉगिन कर इस अभ्यास में भाग लें। सत्र के दौरान शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली, लॉगिन प्रक्रिया और उत्तर पुस्तिका जांच की तकनीक से परिचित कराया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ परिणाम प्रक्रिया को तेज बनाने में भी मदद करेगा।



