आज मनाई जा रही अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में सबसे शुभ तिथियों में गिना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन किए गए सभी शुभ कार्यों का फल अक्षय यानी अनंत होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति स्वयं ही इतनी शुभ मानी जाती है कि किसी भी कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती।
इस दिन दान और धर्म का विशेष महत्व होता है। गरीबों को अन्न, जल, वस्त्र और धन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। इसके अलावा, यह दिन निवेश और नई शुरुआत के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।
आर्थिक दृष्टि से भी यह दिन महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस अवसर पर सोना और अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी में भारी वृद्धि देखी जाती है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।


