देश में राशन वितरण व्यवस्था को नई तकनीक के साथ जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने SARTHAK-PDS योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत वर्ष 2026 से 2031 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹25,530 करोड़ की बड़ी राशि मंजूर की है।
योजना का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रक्रिया को अधिक कुशल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इसके तहत AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जो खाद्यान्न की आवाजाही और वितरण की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके अलावा लाभार्थियों की पहचान और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि नई तकनीक के उपयोग से राशन प्रणाली में होने वाली अनियमितताओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। साथ ही, लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं और समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डिजिटल क्रांति लाने वाली साबित हो सकती है और इससे करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।


