अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बाद अब दोनों देश बातचीत की मेज पर लौट आए हैं। कतर की राजधानी दोहा में शुरू हुई यह शांति वार्ता पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई थीं। इसके बाद मध्यस्थ देशों के प्रयासों से दोनों पक्ष अस्थायी रूप से सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं।
वार्ता में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और भविष्य में किसी भी प्रकार के सैन्य संघर्ष को रोकने के उपायों पर चर्चा की जा रही है।
इन घटनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 72.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वार्ता सफल रहती है तो तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, जबकि विफलता की स्थिति में बाजार में फिर अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

