करीब तीन दशक पहले हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक समझौता हुआ था। अब 32 साल बाद इस समझौते को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
दोनों राज्यों ने नई दिल्ली में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत हरियाणा जुलाई से अक्टूबर के बीच राजस्थान को यमुना का पानी उपलब्ध कराएगा। पानी की आपूर्ति तीन भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से की जाएगी।
यह व्यवस्था वर्ष 1994 के उस समझौते पर आधारित है, जिसमें अपर यमुना बेसिन के उपयोग योग्य जल के वितरण का प्रावधान किया गया था। लेकिन आवश्यक नहर और पाइपलाइन प्रणाली तैयार नहीं होने के कारण यह समझौता वर्षों तक लागू नहीं हो पाया।
इस परियोजना के लागू होने से राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों में पेयजल उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अंतरराज्यीय जल सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण हो सकता है और भविष्य में जल प्रबंधन को लेकर दोनों राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा।

