उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल में पारंपरिक बटर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित इस उत्सव में स्थानीय लोगों ने दूध, दही और मक्खन से एक-दूसरे को लगाकर अनोखी होली खेली।
इस पारंपरिक पर्व को स्थानीय तौर पर अंधुड़ी उत्सव भी कहा जाता है। हर साल आयोजित होने वाला यह उत्सव स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है


