आंख खुलते ही मोबाइल नहीं, पहले लें सुबह की रोशनी! शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक से है सीधा कनेक्शन

NITC Desk
1 Min Read

नई दिल्ली: सुबह उठते ही मोबाइल चेक करना आज ज्यादातर लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। आंख खुलते ही नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और मैसेज देखने की आदत के बीच विशेषज्ञ सुबह की प्राकृतिक रोशनी के महत्व पर जोर देते हैं।

न्यूरोसाइंटिस्ट एंड्रयू ह्यूबरमैन लंबे समय से सुबह की धूप को सर्केडियन रिदम के लिए महत्वपूर्ण बताते रहे हैं। उनके अनुसार, सुबह की प्राकृतिक रोशनी शरीर की आंतरिक घड़ी को यह संकेत देने में मदद करती है कि दिन शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया दिन में जागरूकता और रात में नींद के समय को नियमित रखने में मदद कर सकती है।

NIH के मुताबिक, प्रकाश शरीर की स्लीप-वेक साइकिल को रीसेट करने वाला सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संकेत है। सुबह की रोशनी का इस्तेमाल कुछ सर्केडियन रिदम संबंधी समस्याओं में भी किया जाता है।

इसलिए सुबह उठने के बाद तुरंत फोन की स्क्रीन देखने के बजाय बाहर जाकर कुछ समय प्राकृतिक रोशनी लेना बेहतर दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, धूप में रहने की अवधि मौसम, स्थान और व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है।

Share This Article