Credit Card Annual Fee: हर साल नहीं देना चाहते क्रेडिट कार्ड की फीस? अपनाएं ये तरीके

NITC Desk
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क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और अन्य सुविधाएं ग्राहकों को आकर्षित करती हैं। लेकिन कई कार्ड पर हर साल एनुअल फीस भी देनी पड़ती है। ऐसे में ग्राहक चाहते हैं कि उन्हें कार्ड की सुविधाएं मिलती रहें और सालाना शुल्क भी न देना पड़े। इसके लिए लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड एक विकल्प हो सकता है।

लाइफटाइम फ्री कार्ड का क्या मतलब है?

लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड पर जॉइनिंग फीस और सालाना रिन्युअल फीस नहीं ली जाती। इसका फायदा यह है कि ग्राहक को केवल कार्ड बनाए रखने के लिए हर साल भुगतान नहीं करना पड़ता।

लेकिन कार्ड के दूसरे शुल्क खत्म नहीं होते। बिल का भुगतान देर से करने पर ब्याज और लेट पेमेंट फीस लग सकती है। क्रेडिट कार्ड से एटीएम में नकदी निकालने पर भी शुल्क देना पड़ सकता है। इसलिए लाइफटाइम फ्री कार्ड को पूरी तरह शुल्क-मुक्त समझना सही नहीं है।

अपना क्रेडिट कार्ड लाइफटाइम फ्री करवाने के लिए क्या करें?

1. बैंक से सीधे संपर्क करें: अपने बैंक के कस्टमर केयर या क्रेडिट कार्ड विभाग से पूछें कि क्या मौजूदा कार्ड पर सालाना फीस माफ की जा सकती है या उसे लाइफटाइम फ्री विकल्प में बदला जा सकता है।

2. कार्ड की फीस माफी की शर्तें जानें: कुछ कार्डों में निर्धारित खर्च पूरा करने पर सालाना फीस माफ करने का प्रावधान हो सकता है। हालांकि, यह सुविधा लाइफटाइम फ्री कार्ड से अलग है।

3. अपने कार्ड की उपयोगिता समझें: कार्ड की फीस के मुकाबले मिलने वाले रिवॉर्ड, कैशबैक और दूसरी सुविधाओं का आकलन करें। यदि आप इनका बहुत कम इस्तेमाल करते हैं, तो कम फीस वाले या लाइफटाइम फ्री विकल्प के बारे में पूछ सकते हैं।

4. लिखित पुष्टि लें: यदि बैंक फीस माफ करने या कार्ड को लाइफटाइम फ्री करने के लिए तैयार होता है, तो इसकी पुष्टि ईमेल, बैंक के आधिकारिक संदेश या कार्ड की संशोधित शर्तों में जरूर लें।

क्या बैंक हर ग्राहक को यह सुविधा देता है?

नहीं। कार्ड की फीस माफ करना या उसे लाइफटाइम फ्री बनाना बैंक की नीति और संबंधित कार्ड की शर्तों पर निर्भर करता है। ग्राहक बैंक से अनुरोध जरूर कर सकते हैं, लेकिन फीस माफी को अपना अधिकार मानकर नहीं चलना चाहिए।

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे सालाना फीस के साथ-साथ ब्याज, लेट पेमेंट चार्ज और नकदी निकासी शुल्क जैसी शर्तों को भी समझें।

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