AI तकनीक तेजी से रोजमर्रा के उपकरणों में शामिल हो रही है। अब इसकी पहुंच कैलकुलेटर तक भी हो गई है। नया AI कैलकुलेटर सामान्य गणना करने के साथ-साथ कठिन सवालों को समझने और उन्हें हल करने में मदद कर सकता है।
सामान्य कैलकुलेटर में किसी संख्या या गणितीय फॉर्मूले की गणना करने पर सीधे परिणाम मिलता है, जबकि AI कैलकुलेटर सवाल को समझकर समाधान में मदद करने की क्षमता रखता है। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान कठिन प्रश्नों को समझने और उनका तरीका सीखने में सहायता मिल सकती है।
लेकिन परीक्षा के लिहाज से यह तकनीक चिंता का कारण भी बन रही है। अगर किसी परीक्षा में कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की अनुमति है, तो AI आधारित डिवाइस का गलत इस्तेमाल नकल के लिए किया जा सकता है। खास बात यह है कि ऐसा डिवाइस देखने में सामान्य कैलकुलेटर जैसा हो सकता है।
कई परीक्षाओं में पहले से ही स्मार्ट डिवाइस और इंटरनेट से जुड़े गैजेट्स पर प्रतिबंध रहता है। AI कैलकुलेटर के बढ़ते इस्तेमाल के बाद परीक्षा केंद्रों पर कैलकुलेटर से जुड़े नियमों की समीक्षा की जरूरत भी महसूस हो सकती है।
विशेषज्ञों और परीक्षा संस्थानों के सामने अब चुनौती यह होगी कि छात्रों को नई तकनीक का शैक्षणिक लाभ मिले, लेकिन इसका इस्तेमाल परीक्षा में अनुचित तरीके से न किया जा सके।

