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मकर संक्रांति के साथ कुमाऊं में मनाया गया घुघुतिया पर्व, लोक परंपरा ने बिखेरी खुशियां

उत्तराखंड में मकर संक्रांति का पर्व पूरे उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। वहीं कुमाऊं अंचल में इस अवसर पर घुघुतिया (काले कौवा) त्योहार ने खास आकर्षण पैदा किया। यह त्योहार बच्चों के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसमें वे घुघुत के पकवानों की माला पहनकर कौवों को भोजन के लिए आमंत्रित करते हैं।

सुबह से ही घरों में घुघुत, खजूर, रोट, पुरी और तिल के व्यंजन बनाए गए। बच्चे नए कपड़े पहनकर छतों और आंगनों में पहुंचे और कौवों को बुलाने के लिए पारंपरिक गीत गाए। जैसे ही कौवे पहुंचे, बच्चों ने खुशी-खुशी उन्हें घुघुत खिलाया।

स्थानीय लोगों का मानना है कि घुघुतिया केवल त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह परंपरा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का काम करती है।

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