अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव अब खत्म होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि वेस्ट एशिया युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए शांति समझौते की ज्यादातर शर्तों पर सहमति बन चुकी है। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित समझौते में 14 अहम बिंदु शामिल किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ी शर्त अगले 30 दिनों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है। यह वही रणनीतिक समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की सप्लाई होती है।
समझौते के दूसरे अहम हिस्से में ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में सौंपने की योजना शामिल है। इससे वैश्विक स्तर पर परमाणु सुरक्षा को लेकर बनी चिंताओं को कम करने की कोशिश की जा रही है।


