भारत में क्विक-कॉमर्स का बाजार तेजी से बदल रहा है। कुछ साल पहले जहां कंपनियों की रणनीति ज्यादा से ज्यादा डार्क स्टोर खोलने और ऑर्डर डिलीवरी का समय घटाने पर केंद्रित थी, वहीं अब कारोबार का फोकस unit economics और profitability पर बढ़ रहा है।
Q1 FY27 में Blinkit ने इस दिशा में बढ़त बनाई है। Eternal के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में Blinkit का adjusted EBITDA ₹102 करोड़ सकारात्मक रहा। कंपनी ने तिमाही में 331 मिलियन ऑर्डर दर्ज किए और 30 जून 2026 तक उसके 2,443 डार्क स्टोर हो चुके थे।

दूसरी ओर, Swiggy की Instamart ने अपनी अर्थव्यवस्था में सुधार किया है, लेकिन EBITDA स्तर पर अभी घाटा बना हुआ है। अगस्त की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Instamart का Q1 FY27 adjusted EBITDA loss करीब ₹778 करोड़ रहा, हालांकि contribution margin में सुधार हुआ और मई 2026 में कारोबार contribution break-even तक भी पहुंचा था।
Zepto के लिए भी profitability बड़ी चुनौती बनी हुई है। कंपनी ने Q4 FY26 में करीब ₹1,247.5 करोड़ का adjusted EBITDA loss दर्ज किया था। हालांकि कंपनी की IPO रणनीति में profitability की दिशा में बढ़ने पर जोर दिया जा रहा है।
ऐसे में आने वाले समय में बाजार की प्रतिस्पर्धा सिर्फ इस बात पर नहीं होगी कि कौन ज्यादा ऑर्डर हासिल करता है, बल्कि इस पर भी होगी कि कौन उन ऑर्डर्स को आर्थिक रूप से टिकाऊ कारोबार में बदल पाता है।

