कच्चे तेल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच G7 देशों ने अपने रणनीतिक भंडार का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को हुई G7 नेताओं की वर्चुअल बैठक में 100 मिलियन बैरल तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को आपातकालीन भंडार से निकालकर बाजार में उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
G7 के आधिकारिक बयान के अनुसार, 100 मिलियन बैरल की यह समन्वित रिलीज तत्काल शुरू होगी और अगले चार महीनों में की जाएगी। डीजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए शुरुआती 20 दिनों में इसकी बड़ी मात्रा जारी की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी।

G7 देशों ने ऊर्जा बाजार में आपूर्ति को बनाए रखने के लिए एक और महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता जताई है। सदस्य देशों ने एक-दूसरे के बीच ऊर्जा और ऊर्जा उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाने की बात कही है। साथ ही उत्पादक देशों से भी ऐसे निर्यात प्रतिबंधों से बचने का आह्वान किया गया है, जो बाजार में तनाव बढ़ा सकते हैं।
यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से यूरोप पर बढ़ते दबाव के बीच आया है। अमेरिका ने यूरोपीय देशों से अपने रणनीतिक डीजल भंडार का कुछ हिस्सा बाजार में उतारने की मांग की थी। अमेरिकी प्रशासन ने डीजल निर्यात पर संभावित रोक की बात भी कही थी, जिससे यूरोप की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, ताजा समझौते के बाद अमेरिका ने डीजल निर्यात पर रोक लगाने की योजना से पीछे हटने का संकेत दिया है।
G7 के इस फैसले का मकसद बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति पहुंचाकर ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति संबंधी दबाव को कम करना है।

