कीवी आज दुनिया भर में पसंद किया जाने वाला फल है। इसका नाम सुनते ही कई लोगों को न्यूजीलैंड याद आता है, लेकिन इसकी कहानी चीन से शुरू होती है। वहां इस फल को ‘चाइनीज गूसबेरी’ कहा जाता था। बाद में इसके बीज न्यूजीलैंड पहुंचे और व्यावसायिक स्तर पर इसकी खेती बढ़ने के साथ इसका नाम ‘कीवी फ्रूट’ प्रचलित हो गया।
कीवी आकार में छोटा होने के बावजूद कई पोषक तत्व देता है। इसमें विटामिन-C, फाइबर, पोटेशियम और विभिन्न एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं। यही वजह है कि इसे संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।
1. कब्ज में मददगार हो सकता है कीवी
कीवी में मौजूद फाइबर पाचन और मल त्याग में मदद करता है। 2022 में प्रकाशित एक क्लिनिकल ट्रायल में कब्ज से परेशान लोगों को चार सप्ताह तक रोजाना दो हरे कीवी दिए गए। परिणामों में सप्ताह में पूरी तरह स्वतः होने वाले मल त्याग की संख्या बढ़ने और पेट से जुड़ी परेशानी में सुधार देखा गया। इस अध्ययन के आधार पर कीवी कब्ज के लक्षण कम करने में उपयोगी विकल्प हो सकता है।
2. विटामिन-C से भरपूर
विटामिन-C शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज, घाव भरने और कोलेजन बनाने में भूमिका निभाता है। कीवी इस विटामिन को भोजन से प्राप्त करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।
3. पोटेशियम भी देता है
पोटेशियम मांसपेशियों, तंत्रिकाओं और सामान्य रक्तचाप के लिए जरूरी खनिज है। कीवी को संतुलित भोजन में शामिल करने से पोटेशियम की मात्रा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
4. हार्ट हेल्थ पर क्या कहती हैं रिसर्च?
2022 में प्रकाशित एक छोटे नियंत्रित अध्ययन में सात सप्ताह तक रोजाना दो कीवी खाने के प्रभावों का आकलन किया गया। शोधकर्ताओं ने रक्तचाप और कुछ मेटाबॉलिक संकेतकों में बदलाव दर्ज किए। फिर भी, कीवी को हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर का इलाज नहीं माना जा सकता। इसके लिए संपूर्ण आहार, शारीरिक गतिविधि और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार महत्वपूर्ण हैं।
कितनी कीवी खानी चाहिए?
कब्ज पर हुए कुछ अध्ययनों में रोजाना दो कीवी का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य मात्रा नहीं है। फल की मात्रा आपकी डाइट, स्वास्थ्य और पाचन के अनुसार अलग हो सकती है। यदि कब्ज लंबे समय से है, दर्द होता है या मल में खून दिखाई देता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।


