14 साल की उम्र में फिल्मों में रखा कदम, आज 55 की हुईं तब्बू; ऐसा रहा अभिनेत्री का सफर

NITC Desk
4 Min Read

बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू आज अपना 55वां जन्मदिन मना रही हैं। 4 नवंबर 1971 को जन्मीं तबस्सुम फातिमा हाशमी ने फिल्मी दुनिया में अपनी शुरुआत बचपन में ही कर दी थी। करीब चार दशक के करियर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए और अपनी अलग अभिनय शैली से पहचान बनाई। तब्बू उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने ग्लैमर और लोकप्रियता के साथ-साथ मजबूत कहानी और चुनौतीपूर्ण किरदारों को भी महत्व दिया।

‘हम नौजवान’ से हुई शुरुआत

तब्बू ने साल 1985 में देव आनंद की फिल्म ‘हम नौजवान’ में बाल कलाकार के रूप में काम किया था। इस फिल्म में उन्होंने देव आनंद की बेटी की भूमिका निभाई। इसके बाद वह कुछ समय तक पढ़ाई में व्यस्त रहीं और फिर फिल्मों में वापसी की।

साल 1991 में तेलुगु फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने मुख्य अभिनेत्री के रूप में दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा। हिंदी फिल्मों में ‘पहला पहला प्यार’ के बाद ‘विजयपथ’ ने उन्हें खास पहचान दिलाई। अजय देवगन के साथ इस फिल्म में उनकी जोड़ी दर्शकों को पसंद आई और वह हिंदी सिनेमा में चर्चा का विषय बन गईं।

‘माचिस’ ने बदली करियर की दिशा

तब्बू के अभिनय करियर में ‘माचिस’ एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। गुलजार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने पंजाब में उग्रवाद के दौर से प्रभावित एक युवती का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इसके बाद ‘विरासत’, ‘हु तू तू’ और ‘अस्तित्व’ जैसी फिल्मों में उन्होंने सामाजिक और पारिवारिक विषयों से जुड़े जटिल किरदार निभाए। ‘अस्तित्व’ में एक ऐसी महिला की कहानी सामने आई, जो अपने रिश्ते और व्यक्तिगत पहचान को लेकर सवाल उठाती है। वहीं ‘चांदनी बार’ में उन्होंने एक संघर्षरत महिला का किरदार निभाकर दर्शकों और समीक्षकों दोनों का ध्यान खींचा। इस फिल्म के लिए उन्हें दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

हर जॉनर में दिखाया अभिनय का हुनर

तब्बू ने अपने करियर में केवल गंभीर फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। ‘हेरा फेरी’ में उनकी कॉमेडी, ‘चीनी कम’ में अमिताभ बच्चन के साथ रोमांटिक भूमिका और ‘मकबूल’ में उनका गंभीर अभिनय दर्शकों को अलग-अलग रूपों में देखने को मिला।

विशाल भारद्वाज की ‘हैदर’ में गजाला के किरदार ने भी खूब सराहना बटोरी। इसके अलावा ‘द नेमसेक’ और ‘लाइफ ऑफ पाई’ जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम करके उन्होंने भारतीय सिनेमा से बाहर भी अपनी प्रतिभा दिखाई।

नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी लोकप्रिय

पिछले कुछ वर्षों में तब्बू ‘अंधाधुन’, ‘दृश्यम 2’, ‘भूल भुलैया 2’ और ‘क्रू’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। इन फिल्मों ने साबित किया कि वह आज भी नए विषयों और अलग-अलग तरह की भूमिकाओं के साथ दर्शकों को आकर्षित कर सकती हैं।

अजय देवगन के साथ उनकी जोड़ी भी लगातार चर्चा में रही है। ‘विजयपथ’ से शुरू हुआ यह साथ कई फिल्मों तक पहुंचा। तब्बू का सफर बताता है कि अभिनय में निरंतरता बनाए रखने के लिए केवल लोकप्रियता नहीं, बल्कि अच्छे किरदारों का चुनाव और खुद को नए रूप में पेश करने की क्षमता भी जरूरी है।

Share This Article