ओणम का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केरल की सांस्कृतिक विरासत का सबसे बड़ा उत्सव है।
10 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में आज का दिन, यानी थिरुवोनम, सबसे अहम है।
घरों और मंदिरों में पुक्कलम सजाए जाते हैं।
महिलाएँ थिरुवथिरा नृत्य करती हैं।
नाव दौड़ और पुलिक्कली (बाघ नृत्य) से उत्सव का रंग और भी गहरा हो जाता है।
इसके साथ-साथ पारंपरिक भोज ओणसद्या में 25 से अधिक व्यंजन परोसे जाते हैं, जो इस पर्व की विशेषता है।


