उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में अब OBC समुदाय के नेताओं की भागीदारी काफी बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रिमंडल में लगभग 60 प्रतिशत मंत्री पिछड़े वर्ग से जुड़े हुए हैं।
भाजपा लंबे समय से उत्तर प्रदेश में सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में पार्टी ने विभिन्न OBC समुदायों के नेताओं को सरकार में अहम जिम्मेदारियां देकर बड़ा दांव खेला है। माना जा रहा है कि यह फैसला आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा OBC वोट बैंक को अपने साथ बनाए रखने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रही है। यही वजह है कि कैबिनेट विस्तार में सामाजिक और जातीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया। दूसरी ओर विपक्ष इस फैसले को केवल चुनावी रणनीति बताकर सवाल उठा रहा है।


