
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को उनके स्वास्थ्य की प्रतिदिन निगरानी करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि मेडिकल जांच के दौरान यदि किसी उपचार की आवश्यकता महसूस हो तो सरकार तुरंत उचित कदम उठाए।
केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टर पहले से ही वांगचुक की नियमित जांच कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि हर नागरिक का जीवन बहुमूल्य है और उसकी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाने चाहिए।
वांगचुक जंतर-मंतर पर विभिन्न परीक्षा अनियमितताओं, जिनमें कथित नीट पेपर लीक भी शामिल है, के विरोध में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

