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नोवगाम धमाका कैसे हुआ? 360 किलो विस्फोटक की जांच में सुरक्षा चूक या तकनीकी हादसा?

नोवगाम पुलिस स्टेशन में हुआ विस्फोट सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई सवालों को जन्म देता है। यह धमाका तब हुआ जब विशेषज्ञ टीम फरीदाबाद से जब्त किए गए खतरनाक विस्फोटकों के नमूने जांच रही थी — वही विस्फोटक जो ‘व्हाइट-कलर आतंकवादी मॉड्यूल’ के खुलासे के बाद बरामद किए गए थे।

इस मॉड्यूल में शामिल लोग कोई साधारण आरोपी नहीं थे — इनमें डॉक्टर, पैरामेडिक और स्थानीय युवकों का नेटवर्क पाया गया था। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी डॉ. मुज़म्मिल गंऐ, उमर नबी, और मुझफ़्फर रदर इस मॉड्यूल का हिस्सा थे। फरीदाबाद में बरामद 360 किलो विस्फोटक इसी नेटवर्क से जुड़ा था।

धमाके से पुलिस स्टेशन का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। यह चिंता का विषय है कि इतनी बड़ी मात्रा का विस्फोटक सिविल इलाके के पुलिस स्टेशन में क्यों रखा गया, और वैज्ञानिक जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन हो रहा था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान किसी रसायनिक प्रतिक्रिया या तकनीकी त्रुटि से विस्फोट हुआ, लेकिन अभी इसकी फॉरेंसिक पुष्टि होना बाकी है।

घटना के बाद पूरे स्टेशन क्षेत्र में ईवीएल्युएशन जारी है, और सरकार ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा के आदेश दिए हैं।

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