दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026-27 से पहले जिन बच्चों का एडमिशन प्री-प्राइमरी या केजी कक्षाओं में हो चुका है, वे अपनी पढ़ाई उसी क्रम में जारी रख सकते हैं। हालांकि, जो बच्चे 2026 के बाद पहली कक्षा में दाखिला लेंगे, उन्हें कम-से-कम 6 वर्ष का होना अनिवार्य होगा।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह बदलाव छोटे बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास को ध्यान में रखकर किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बच्चे अधिक आत्मनिर्भर होंगे और औपचारिक शिक्षा को बेहतर तरीके से आत्मसात कर सकेंगे।
सरकार ने स्कूलों को सलाह दी है कि वे अपने प्री-प्राइमरी कार्यक्रमों को इस नई उम्र नीति के अनुसार पुनर्गठित करें ताकि किसी बच्चे को दोहराव या कोर्स-गैप का सामना न करना पड़े।


