
ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों ने 7 फरवरी को ऑल इंडिया स्ट्राइक का ऐलान कर दिया है। यह हड़ताल उन नीतियों के खिलाफ है, जिन्हें ड्राइवर अपने हितों के विपरीत और शोषणकारी बता रहे हैं।
ड्राइवरों का कहना है कि कंपनियां यात्रियों को लुभाने के लिए किराया तो कम कर देती हैं, लेकिन इसका पूरा बोझ ड्राइवरों पर डाल दिया जाता है। कम किराया, ऊंचा कमीशन और बढ़ता खर्च ड्राइवरों के लिए रोज़गार को घाटे का सौदा बना रहा है।
ड्राइवर यूनियनों के अनुसार, कई शहरों में प्रति किलोमीटर किराया इतना कम हो गया है कि ईंधन और मेंटेनेंस की लागत भी नहीं निकल पा रही है। इसके बावजूद कंपनियों द्वारा इंसेंटिव घटाए जा रहे हैं और नियमों में बार-बार बदलाव किए जा रहे हैं।
हड़ताल के दौरान कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं आंशिक या पूरी तरह बंद रह सकती हैं। इससे ऑफिस जाने वाले यात्रियों, एयरपोर्ट ट्रैवल और रोज़मर्रा की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।




