भारत की GDP 8.2% पर पहुँची, सरकार ने सराहा—“यह विकास नहीं, आत्मविश्वास की छलांग है”

भारत की GDP ग्रोथ ने जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY26) के ताज़ा सरकारी आंकड़ों में 8.2% की रफ्तार हासिल की है। केंद्र सरकार ने इस ग्रोथ को “अर्थव्यवस्था के आत्मविश्वास और स्थिरता का सबूत” बताया है और कहा है कि आने वाले महीनों में सुधारों की दिशा और विस्तृत होगी।
सरकारी बयान में कहा गया कि 8.2% की वृद्धि दर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की क्षमता को दर्शाती है। यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब कई बड़े देशों की अर्थव्यवस्थाएँ धीमी पड़ रही हैं, लेकिन भारत निवेश, उपभोग और नीति समर्थन के दम पर तेज गति बनाए हुए है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि:
- पूंजी व्यय में वृद्धि
- विनिर्माण और सेवाओं की मजबूती
- डिजिटल भुगतान और डिजिटल अर्थव्यवस्था में विस्तार
- निवेश माहौल में सुधार
- PLI योजनाओं का असर
इन सभी पहलुओं ने GDP की रफ्तार को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरकार ने कहा कि आने वाले समय में बुनियादी ढांचा, विदेशी निवेश, MSME सेक्टर और तकनीकी नवाचार पर और अधिक जोर दिया जाएगा। केंद्र ने यह भी कहा कि यह ग्रोथ दर आम उपभोक्ता और उद्योग जगत दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है।




