भारत सरकार ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के दायरे को बढ़ाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है।
अब अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से उत्पीड़न के कारण पलायन कर 2024 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी समुदायों को नागरिकता का अधिकार मिलेगा।
इन शरणार्थियों पर पासपोर्ट या वीज़ा की कमी का कोई असर नहीं पड़ेगा और वे बिना भय के भारत में रह सकते हैं।


