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सरकार बदलेगी GDP आधार वर्ष, नया साल होगा 2022-23

नई दिल्ली: भारत सरकार ने GDP की गणना का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने का प्रस्ताव रखा है। यह बड़ा सांख्यिकीय सुधार MoSPI (सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय) द्वारा प्रस्तावित किया गया है। 

मुख्य बातें:

  • ACNAS (Advisory Committee on National Accounts Statistics) नामक 26-सदस्य समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता Biswanath Goldar करेंगे।  
  • नई GDP श्रृंखला 27 फरवरी 2026 से जारी की जाएगी।  
  • यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था अब पहले की अपेक्षा बहुत बदल चुकी है — डिजिटल लेनदेन बढ़े हैं, उपभोग के पैटर्न बदल गए हैं, और व्यवसाय का स्वरूप बदल रहा है।  
  • MoSPI आधुनिक डेटा स्रोतों का भी उपयोग कर रही है — जैसे कि GST रिटर्न, UPI ट्रांजैक्शन, e-Vahan पोर्टल, MCA-21 आदि।  
  • साथ ही, IIP (औद्योगिक उत्पादन सूचकांक) भी 2022-23 को आधार वर्ष बनाएगा।  
  • CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) का प्रस्तावित आधार वर्ष 2024 है।  

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम आर्थिक आंकड़ों की सटीकता बढ़ाएगा और नीतिगत फैसलों के लिए अधिक विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराएगा।

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