भारत में जीएसटी लागू हुए 7 साल से ज़्यादा हो चुके हैं। अब सरकार ने टैक्स प्रणाली को और सरल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह तय किया गया कि अब देशभर में केवल दो जीएसटी स्लैब रहेंगे — 5% और 18%।
इस बदलाव से कई क्षेत्रों में कर का बोझ घटेगा और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। उदाहरण के लिए, जिन वस्तुओं पर पहले 12% टैक्स लगता था, उन्हें 5% या 18% में समायोजित किया जाएगा। वहीं 28% का स्लैब केवल “सिन गुड्स” और लग्ज़री उत्पादों पर रहेगा, जिसे 40% तक रखा गया है।
बैठक में दूसरा बड़ा फैसला बीमा क्षेत्र से जुड़ा है। अब जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी पूरी तरह से माफ़ कर दी गई है। इससे हर साल लाखों उपभोक्ताओं को फायदा होगा। माना जा रहा है कि इस कदम से बीमा लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
नए नियम 22 सितंबर से लागू होंगे, जो संयोग से नवरात्रि के पहले दिन से शुरू हो रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे त्योहारी खरीदारी और बाजार की मांग में तेजी आएगी।


