नेपाल में जनता की जीत: भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन ने चुना सुशीला कार्की को संक्रमणकालीन प्रधानमंत्री

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठी जनता की आवाज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद देश में सत्ता का शून्य था। ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने खुद आगे बढ़कर नया रास्ता दिखाया और पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव पारित किया।
करीब 5,000 युवाओं ने चार घंटे तक वर्चुअल बैठक में चर्चा की और अंततः सर्वसम्मति से उनके नाम पर सहमति जताई। उनका कहना था कि देश को ऐसी नेतृत्व की जरूरत है जो साफ-सुथरी छवि और निष्पक्ष दृष्टिकोण वाला हो।
सुशीला कार्की का करियर ईमानदारी और साहस का प्रतीक रहा है। वे 2016 से 2017 तक नेपाल सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं। उन्होंने BHU से राजनीति विज्ञान और नेपाल से विधि की पढ़ाई की।
वे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख और संवेदनशील मामलों पर निष्पक्ष फैसलों के लिए जानी जाती हैं। यही कारण है कि आज नेपाल की युवा पीढ़ी उन्हें सबसे सही विकल्प मान रही है।




