2025 में ट्रम्प का बदला सुर: विदेशी छात्रों को बताया अमेरिका की ताकत, भारत से नई साझेदारी की इच्छा जताई

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हालिया बयान में विदेशी छात्रों को लेकर अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां वे आव्रजन नीतियों को कड़ा करने की वकालत करते थे, वहीं अब उन्होंने कहा है कि विदेशी छात्र अमेरिका के लिए “आर्थिक और बौद्धिक संपदा” हैं।
ट्रम्प ने कहा — “अगर विदेशी छात्रों की संख्या कम कर दी जाए, तो अमेरिका के आधे कॉलेज बंद हो जाएंगे। हमें इन प्रतिभाओं की जरूरत है।”
उन्होंने आगे कहा कि विदेशी छात्र, विशेषकर एशियाई देशों जैसे भारत और चीन से आने वाले छात्र, अमेरिका के लिए फायदेमंद हैं।
ट्रम्प ने साथ ही यह भी संकेत दिया कि वे भारत के साथ नई ट्रेड डील और टैरिफ घटाने की दिशा में काम करना चाहते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत हों।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ट्रम्प की उस नई रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वे 2024 चुनावों के बाद विदेशी निवेश और उच्च शिक्षा क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं।




