धर्मेंद्र नहीं रहे: 60 साल, 300 फिल्मों और अनगिनत यादों का अंत—प्रधानमंत्री मोदी, अमिताभ बच्चन समेत पूरे देश ने दी श्रद्धांजलि

भारतीय सिनेमा के महानतम और सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल धर्मेंद्र देओल का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका उपचार भी चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार के बाद वे घर लौट आए, लेकिन सोमवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
अभिनेता के निधन की खबर ने बॉलीवुड को शोक में डूबो दिया। उनके अंतिम संस्कार का आयोजन मुंबई के पवन हंस श्मशान में किया गया, जहां फिल्म और राजनीति जगत की तमाम हस्तियाँ मौजूद रहीं।
अमिताभ बच्चन, जिन्होंने उनके साथ ‘शोले’ में काम किया था, ने भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा कि उनके साथी, मित्र और महान कलाकार की कमी हमेशा खलेगी। सलमान खान, शाहरुख खान, अभिषेक बच्चन, हेमा मालिनी, दीपिका पादुकोण, अक्षय कुमार सहित हर पीढ़ी के कलाकारों ने उन्हें अपना प्रेरणा स्त्रोत बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि धर्मेंद्र ने भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी। उनके निधन से एक युग खत्म हो गया है।
धर्मेंद्र ने 1950 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की और छह दशकों तक हिंदी सिनेमा पर राज किया। उन्होंने करीब 300 फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें एक्शन, रोमांस और कॉमेडी—हर शैली में शानदार प्रदर्शन किया। ‘फूल और पत्थर’ में उनका अभिनय, ‘शोले’ में जय, ‘धरम वीर’ में वीर और ‘चुपके चुपके’ में प्रोफेसर परिमल त्रिपाठी आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हैं।
व्यक्तिगत जीवन में भी धर्मेंद्र सुर्खियों में रहते थे। उन्होंने दो शादियाँ कीं — पहली पत्नी प्रकाश कौर से उनके चार बच्चे हुए, और बाद में उन्होंने अभिनेत्री हेमा मालिनी से विवाह किया, जिनसे उनकी दो बेटियाँ हैं।
धर्मेंद्र राजनीति में भी सक्रिय रहे। वे 2004 में भाजपा के टिकट पर बीकानेर से लोकसभा सांसद चुने गए। उनकी लोकप्रियता राजनीति में भी बॉलीवुड की तरह रही।
देश ने आज एक महान अभिनेता, एक सच्चे इंसान और एक करिश्माई व्यक्तित्व को खो दिया। धर्मेंद्र हमेशा ‘ही-मैन’ के रूप में भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर रहेंगे।




