
देश में आज से नई 6G नीति लागू हो गई है, जिसे भारत के डिजिटल भविष्य की नींव माना जा रहा है। यह नीति न सिर्फ हाई-स्पीड इंटरनेट और एडवांस नेटवर्किंग को बढ़ावा देगी, बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी।
टेलीकॉम विशेषज्ञों के अनुसार, 6G तकनीक के विस्तार से नेटवर्क डिजाइन, सेमीकंडक्टर, क्लाउड नेटवर्किंग और IoT सिस्टम से जुड़े क्षेत्रों में भारी मांग पैदा होगी। अनुमान है कि 2026 तक 2 लाख से अधिक युवाओं को नई नौकरियां मिल सकती हैं।
सरकार का फोकस भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि 6G समाधान विकसित करने वाला देश बनाना है।




