पराक्रम दिवस: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन, आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं उनके विचार

आज देशभर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर ‘पराक्रम दिवस’ मनाया जा रहा है। यह दिन भारत के उस वीर सपूत को समर्पित है, जिसने आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जगह-जगह श्रद्धांजलि कार्यक्रम, संगोष्ठियां, सांस्कृतिक आयोजन और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
नेताजी का जीवन संघर्ष, साहस और आत्मबल की मिसाल है। उन्होंने न केवल विदेशी शासन का विरोध किया, बल्कि भारतीयों में आत्मसम्मान और स्वाभिमान की भावना को भी मजबूत किया। आज के दिन उनके विचारों को याद करते हुए यह संदेश दिया जा रहा है कि राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका अहम है।
‘पराक्रम दिवस’ मनाने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और अनुशासन का महत्व समझाना है। नेताजी का सपना था एक स्वतंत्र, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत, जिसकी झलक आज भी उनके विचारों में देखने को मिलती है




