एक पल में थमी साँसें: श्रवण का खेल और दिल का धोखा

NITC Desk
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कल्पना कीजिए—एक मासूम 10 वर्षीय बच्चा अपनी जिंदगी के सबसे हंसते-खेलते पलों में, अचानक घर की ओर दौड़ता है क्योंकि उसे बेचैनी महसूस होती है। घर पहुँचते ही वह माँ की गोद में सर रख देता है, और उसी क्षण, उसकी जिंदगी सेवानिवृत्त हो जाती है ।

इस कहानी में सिर्फ एक मौत नहीं है, बल्कि एक परिवार की अधूरी आशाएँ और एक बच्चा जिसने खेलने की खुशी में ही जान गंवा दी। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना नाज़ुक हो सकता है—और हमें हमेशा सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

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