शौर्य, सम्मान और स्वाभिमान का उत्सव: 78वें सेना दिवस पर जयपुर में गरजे भारतीय सेना के शौर्य के कदम

आज भारत 78वां सेना दिवस मना रहा है और पूरा देश अपने वीर जवानों के अदम्य साहस, बलिदान और समर्पण को नमन कर रहा है। इस बार का सेना दिवस इसलिए भी खास है क्योंकि मुख्य सेना परेड पहली बार दिल्ली से बाहर, जयपुर की धरती पर आयोजित की जा रही है। गुलाबी नगरी जयपुर आज देशभक्ति के रंग में रंगी हुई है।
परेड के दौरान भारतीय सेना की घातक बटालियन, विशेष कमांडो दस्ते, आधुनिक हथियार और युद्धक वाहन जब सधे कदमों से आगे बढ़ते हैं, तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ड्रोन की गूंज और सैन्य टुकड़ियों की तालमेल भरी मार्चिंग यह संदेश देती है कि भारत की सीमाएं मजबूत हाथों में हैं।
इस ऐतिहासिक परेड में सेना ने अपनी तकनीकी ताकत और भविष्य की युद्ध रणनीतियों का भी प्रदर्शन किया। अत्याधुनिक ड्रोन, निगरानी सिस्टम और स्वदेशी रक्षा उपकरणों ने यह दिखा दिया कि भारतीय सेना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
सेना दिवस सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों की भावनाओं का प्रतीक है जिन्होंने अपने बेटों को देश की रक्षा के लिए समर्पित किया है। यह दिन उन वीर शहीदों को याद करने का भी अवसर है, जिनकी कुर्बानी के कारण आज हम सुरक्षित हैं।




